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गुकेश को हराकर प्रज्ञानन्दा बने टाटा स्टील मास्टर्स के विजेता

by Niklesh Jain - 02/02/2025

भारत के ग्रांड मास्टर आर प्रज्ञानन्दा नें एक बेहद नाटकीय और रोमांचक फाइनल राउंड के बाद हुए सांस रोधी टाईब्रेक मुक़ाबले में मौजूदा विश्व चैम्पियन हमवतन ग्रांड मास्टर डी गुकेश को पराजित करते हुए टाटा स्टील मास्टर्स शतरंज के 87वें संसकरण का खिताब अपने नाम कर लिया है । शतरंज का विम्बलडन कहे जाने इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट का खिताब जीतने वाले प्रज्ञानन्दा पूर्व विश्व चैम्पियन विश्वनाथन आनंद के बाद दूसरे खिलाड़ी बन गए है । अंतिम दिन गुकेश का अर्जुन से और प्रज्ञानन्दा का विन्सेंट केमर से आखिरी मुक़ाबला हारना सबसे ज़्यादा चौंकाने वाला परिणाम रहा । गुकेश इस टूर्नामेंट में लगातार दूसरे साल टाईब्रेक में खिताब हारे और दूसरे स्थान पर रहे जबकि नोदिरबेक अब्दुसत्तोरोव तीसरे स्थान पर रहे । पढे यह लेख  Photos by Jurriaan Hoefsmit & Lennart Ootes



रोमांचक टाईब्रेक में गुकेश को हराकर प्रज्ञानन्दा बने टाटा स्टील मास्टर्स शतरंज के विजेता

विज्क आन जी, नीदरलैंड । शतरंज का विम्बलडन कहे जाने वाले 87वें विज्क आन जी टाटा स्टील मास्टर्स सुपर ग्रांड मास्टर टूर्नामेंट का खिताब 19 सालों बाद भारत लौटा है और यह खिताब जीता है

भारत के आर प्रज्ञानन्दा नें एक बेहद नाटकीय फाइनल टाईब्रेक में मौजूदा विश्व चैम्पियन डी गुकेश को 2-1 से पराजित करते हुए टाटा स्टील मास्टर्स का खिताब अपने नाम कर लिया है । आज जब अंतिम राउंड में मुक़ाबला शुरू हुआ तो गुकेश और प्रज्ञानन्दा दोनों 8.5 अंको पर थे और दोनों के पास ही खिताब जीतने का मौका था ।

विश्व चैम्पियन डी गुकेश के सामने थे हमवतन अर्जुन एरीगैसी जिन्होने अपने खराब प्रदर्शन को पीछे छोड़ते हुए एक राउंड पहले ही उज़्बेक्सितान के अब्दुसत्तोरोव नोदिरबेक को हराया , अर्जुन नें काले मोहरो से पेट्रोफ ओपेनिंग खेली और गुकेश नें कुछ प्रयोग करते हुए अर्जुन पर दबाव बनाने की कोशिश की पर अर्जुन के गुकेश के राजा पर आक्रमण को सम्हालना मुश्किल होता गया और अर्जुन नें गुकेश को विश्व चैम्पियन बनने के बाद पहली हार का स्वाद चखा दिया ।

इसी दौरान हरीकृष्णा नें अब्दुसत्तोरोव को ड्रॉ पर रोकते हुए किसी भारतीय का खिताब जीतना तय कर दिया 

इसके बाद प्रज्ञानन्दा जिनका मुक़ाबला जर्मनी के विन्सेंट केमर से था , प्रज्ञानन्दा को सिर्फ ड्रॉ की जरूरत थी खिताब जीतने के लिए पर प्रज्ञानन्दा भी यह मुक़ाबला हार गए

और गुकेश और प्रज्ञानन्दा दोनों 8.5 अंको पर रह गए ऐसे में दोनों के बीच टाईब्रेक मुक़ाबले ब्लिट्ज शतरंज के तौर पर खेले गए जिसमें पहला मुक़ाबला गुकेश नें जीतकर बढ़त बना ली

पर दूसरे ही खेल में प्रज्ञानन्दा नें जीत दर्ज करते हुए स्कोर बराबर कर दिया और फिर बारी आई तीसरे खेल की जिसमें प्रज्ञानन्दा नें लगभग हारी हुई बाजी बचाई

और फिर गुकेश की भारी भूल का फायदा उठाते हुए मुक़ाबला जीता और टाटा स्टील मास्टर्स के 87वें संसकरण के विजेता बन गए ,

विश्वनाथन आनंद के बाद प्रज्ञानन्दा यह खिताब जीतने वाले दूसरे भारतीय खिलाड़ी बन गए है । गुकेश दूसरे और अब्दुसत्तोरोव तीसरे स्थान पर रहे । हालांकि गुकेश इस हार के बाद भी यूएसए के फबियानों करूआना को पीछे छोड़ते हुए दुनिया के तीसरे नंबर के खिलाड़ी बन गए है ।  

 


 

 






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